मुसलमानों का सच्चा रहबर हमारा नेता

मैं अपने अब्बू कई बार के विधायक व मंत्री लोकबन्धु राजनारायण के समाजवादी आंदोलन को जीने वाले कमाल युसूफ मलिक की इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ कि शिवपाल चाचा एक सेकुलर तथा मुसलमानों के मसाइल व जज़्बात को समझने वाले सच्चे रहबर है। उत्तर प्रदेश में मुसलमानों का सबसे ज्यादा भरोसा नेताजी मुलायम सिंह यादव के बाद किसी लीडर पर रहा है और तो वो शिवपाल जी हैं। यही कारण है कि जिस दिन शिवपाल जी की सरपरस्ती में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का एलान हुआ, जनबा कमाल युसूफ मलिक के साथ हम लोग प्रसपा में शामिल हो गए क्योंकि हमें पता है शिवपाल जी हमेशा हिन्दू-मुसलमान के एकता की बात रकते हैं। वे जितनी श्रद्धा के साथ भोलेनाथ-हनुमान जी भण्डारे में जाते हैं, जितनी सम्मान हिन्दू धर्म गुरुओं को देते हैं, उतने ही अकीदत से रोज़ा अफ्तार में जाते हैं। मजारों पे चादर चढ़ाते हैं। प्रसपा कार्यालय में यदि पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, चन्द्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, महात्मा गाँधी, डा0 लोहिया, लोकनायक जयप्रकाश की जयंती मनती है तो अगर शहीद अशफाक उल्ला खान, शहीदाने वतन अजीमुल्ला खान की यौमे पैदाइस (जयंती) मनाई जाती है। कोई और राजनीतिक नेता दल अशफाकउल्ला की जयंती इस तरह से नहीं मनाता जिस तरह से शिवपाल जी व प्रसपा मनाती है। मैं पूरे देश की बात नहीं करता लेकिन देश के सबसे बड़े सूबे के मुसलमानों का सबसे ज्यादा यकीन शिवपाल यादव जी पर ही है। तभी उनकी कयादत में जनबा कमाल युसूफ मलिक, मोहतरमा शादाब फातिमा सरीखे बड़े नामचीन लीडर प्रसपा में हैं। टेलीविजन के परदे गवाह है कि शिवपाल जी के नेतृत्व वाली प्रसपा ही आरएसएस व भाजपा के नेताओं से बहस करती व पंजा लड़ाती दिखती है। अन्य दलों के प्रतिनिधि तो आते ही नहीं। शिवपाल जी आम मुसलमानों की आवाज उठाई है और कई नए मुस्लिम चेहरों को सियासत में स्थापित किया है जिनका नाम हम सभी जानते हैं।

-इरफान मलिक

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